पूर्वी भारत में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और महिला समूहों की भूमिका पर दो-दिवसीय कांफ्रेंस एक्सआईएसएस में आज शुरू होगा

 The Dainik Aawaz News Ranchi:- पूर्वी भारत में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और महिला समूहों की भूमिका पर दो-दिवसीय कांफ्रेंस एक्सआईएसएस में आज शुरू होगा


जेवियर समाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस), रांची, सी3 सक्षमा, और इंडियन एसोसिएशन फॉर वुमन स्टडीज (आईएडब्ल्यूएस) संयुक्त रूप से 17 और 18 मार्च को "पूर्वी भारत में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और महिला समूहों की भूमिका" पर दो-दिवसीय कांफ्रेंस आयोजित कर रहे हैं। यह कांफ्रेंस बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित है।

माननीय राज्यपाल, झारखंड, श्री सी.पी. राधाकृष्णन कांफ्रेंस के मुख्य अतिथि हैं। वहीं, वॉक्स बैक कलेक्टिव्स, यूएसए के संस्थापक डॉ मैथ्यू कॉब उद्घाटन भाषण देंगे।


गुरुवार को एक्सआईएसएस में इस विषय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जहां एक्सआईएसएस के निदेशक, डॉ जोसफ मरियानुस कुजूर एसजे ने आगामी कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "हमने कुछ दिन पहले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया है और सभी क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने की सख्त जरूरत पर इस तरह के महत्वपूर्ण संवाद के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। हालांकि, हम महिलाओं को सशक्त बनाने की राह पर हैं, लेकिन महिलाओं की स्थिति अभी भी हाशिए पर है क्योंकि उनके पास निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी और संसाधनों के उपयोग के अधिकार की कमी है। इस कॉन्फ्रेंस के आयोजन से हम इस स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद करते हैं।” 


सुश्री मधु जोशी, सीनियर एडवाइजर, जेंडर एंड गवर्नेंस, सेंटर फॉर कैटालिसिंग चेंज (सी3) ने महिला समूहों की आवश्यकता पर जोर दिया। “हम बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा पर आधारित 30 केस स्टडी और रिसर्च पर चर्चा इस कॉन्फ्रेंस में करेंगे। हम इस कॉन्फ्रेंस के परिणाम को एक डॉक्यूमेंट बनाने की योजना बना रहे हैं, और सकारात्मक प्रभाव लाने के लिए इसे इन राज्यों की संबंधित सरकारों, इन क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों और अन्य शोधकर्ताओं के साथ साझा करेंगे।

यह कॉन्फ्रेंस न केवल झारखण्ड बल्कि देश के अन्य भागों से आये शोधकर्ताओं और प्रोफेशनल्स के सोच को मंच देगा बल्कि हाइब्रिड मोड के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा। इसका उद्देश्य सभी में महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में सोचना और उनका समाधान खोजना है।

इसके अलावा, रांची विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रंजना श्रीवास्तव ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि महिला सशक्तिकरण लक्ष्यों के को पूरा करने के लिए सभी क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) ने हमेशा महिलाओं के बीच आत्मविश्वास और स्व-शासन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले महिलाओं के कल्याण के बारे में चर्चा होती थी लेकिन अब, वर्तमान परिदृश्य में महिलाएँ स्वयं अपने कल्याण की बातचीत में भाग लेती हैं, यह सकारात्मक बदलाव है।

इस कॉन्फ्रेंस में डीन एकेडमिक्स, एक्सआईएसएस, डॉ अमर एरोन तिग्गा, कार्यक्रम प्रमुख, ग्रामीण प्रबंधन, डॉ अनंत कुमार भी उपस्थित थे। एक्सआईएसएस से डॉ राज श्री वर्मा, सी3 सक्षमा से डॉ अनामिका प्रियदर्शिनी, सुश्री शुभा भट्टाचार्य और आईएडब्ल्यूएस से डॉ ममता कुमारी भी इस कांफ्रेंस के दौरान उपस्थित थीं।

Comments