चतरा में स्कूल भवन के उद्घाटन में लौंडा डांस:स्कूल की छत पर हुआ कार्यक्रम, पारा शिक्षक गा रहे थे गाना, हुआ शो कॉज

लौंडा नाच को लेकर, झारखंड के श्रम मंत्री ने कहा इसमें कुछ गलत नही  


चतरा के हंटरगंज में दो दिन पहले प्लस टू हाईस्कूल के नए भवन का उद्घाटन हुआ था। इस उद्घाटन कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर लौंडा नाच कराया गया। कार्यक्रम स्कूल भवन के छत पर हुआ। अब लौंडा नाच का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 33 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में श्रम मंत्री और क्षेत्र के विधायक सत्यानंद भोक्ता, जिले के डीईओ दिनेश मिश्रा नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो उसी स्कूल कार्यक्रम का बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक नाच कार्यक्रम के दौरान जो व्यक्ति गीत गा रहा है वह स्थानीय पारा शिक्षक है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग से लेकर सूबे में यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में फोन पर हुई बातचीत में शिक्षा सचिव के रविकुमार ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम होने की जानकारी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को शो कॉज किया गया है।

श्रम मंत्री ने कहा - कुछ भी गलत नहीं
इस वायरल वीडियो को लेकर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता से व्हाट्स एप कॉल पर दैनिक भास्कर की बात हुई। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने भी प्रस्तुति दी है। लौंडा नाच कराने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि हर क्षेत्र की अपनी संस्कृति होती है। जो कार्यक्रम हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है। वीडियो को वायरल कर बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है।

स्कूल में ऐसा कार्यक्रम शर्मिंदगी की बात



स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में इस तरह के डांस कार्यक्रम को लेकर स्कूल के बच्चों को कहना है कि हम शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। स्कूल में कार्यक्रम है। हमलोग भी डांस करते हैं। हमारी भी रुचि है। लेकिन इस तरह के कार्यक्रम से हमें अच्छा नहीं लग रहा है।

पहले भी चर्चा में रहा है स्कूल भवन का उद्घाटन
चतरा जिले में प्लस टू स्कूलों के नए भवन का उद्घाटन कार्यक्रम ऐसा नहीं है कि पहली बार चर्चा में आया है। इससे पहले श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने सात अगस्त को चतरा के प्रतापपुर एवं कौरा में 10+2 हाई स्कूल के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया था। इस उद्घाटन कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों ने ही बैनर लगा कर पढ़ाई की स्थिति की पोल खोल कर रख दी थी। बच्चों ने बताया था कि स्कूल में केवल चार शिक्षक हैं, जो 11 सौ बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं।


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