परिवार नियोजन के अस्थायी विधि अंतरा एवं ओरल कॉन्ट्रासेफ्टिव पिल्स के संबंध में प्रशिक्षण: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड नामकुम, राँची

  • परिवार नियोजन के अस्थायी विधि  अंतरा एवं ओरल कॉन्ट्रासेफ्टिव पिल्स के संबंध में प्रशिक्षण।
  • अंतरा तथा ओरल कॉन्ट्रासेफ्टिव पिल्स स्वास्थ्य केन्द्रों पर  निःशुल्क उपलब्ध है।


दैनिक आवाज 24 न्यूज, Ranchi: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड अन्तर्गत परिवार नियोजन कार्यक्रम की अस्थायी विधि अंतरा एवं ओरल  कॉन्ट्रासेफ्टिव पिल्स पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में राज्य के बारह जिलों से दो-दो चिकित्सा पदाधिकारी/जी.एन.एम. नेे इस प्रशिक्षण में भाग लिया। 10 जून 2024 को शेष राज्य के बारह जिलों का प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ॰ सी॰के॰ शाही, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं के द्वारा किया गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ॰ लाल मांझी, तथा डॉ॰ उमा सिन्हा उपाधीक्षक जी॰भी॰आई॰ ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित किया। 

 निदेशक प्रमुख ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंतरा तथा ओरल कॉन्ट्रासेफ्टिव पिल्स परिवार नियोजन की अस्थायी विधि है। अंतरा एक गर्भनिरोधक इन्जेक्शन है। यह स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। अंतरा का इन्जेक्शन प्रत्येक तीन माह पर लगाया जाता है। यह बहुत निजी और गोपनीय तरीका है। ये किसी भी उम्र में लिया जा सकता है, चाहे महिला के बच्चे हुए हों या नहीं।

डॉ पुष्पा ने कहा कि ओरल कॉन्ट्रोसेफ्टिव पिल्स का उपयोग अस्थायी विधि के रूप में किया जाता है जिसे लेना काफी आसान होता है। यह विभिन्न प्रकार का होता है जैसे छाया (सप्ताहिक गोली), माला.एन., पी.ओ.पी. एवं इजी. पिल्स आदि। यह स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। 

राज्य समन्वयक परिवार नियोजन कोषांग, गुंजन खलखो ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण के पश्चात जिला मास्टर ट्रेनर द्वारा जिला कार्यक्रम ईकाई से समन्वय स्थापित कर प्रत्येक जिला में संबंधित विधियों पर प्रशिक्षण ससमय दिया जायेगा।

राज्य प्रशिक्षक डॉ॰ स्वाति चैतन्य तथा प्रीति मांझी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है इस अवसर पर नवल किशोर यादव, अभिजित मिश्रा, राजू शर्मा, रोहित कुमार तथा सहयोगी संस्थान के प्रतिनिधि ने भाग लिया।

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