पूर्व CM चंपाई सोरेन के पीछे क्यों भेजे गये थे दो दारोगा, पुलिस मुख्यालय ने दी सफाई

 मंत्री चंपाई सोरेन के आप्त सचिव ने कहा कि 27 व 28 अगस्त को दिल्ली दौरे पर थे. इस दौरान दो लोगों द्वारा गोपनीय तरीके से जासूसी कर फोटो एवं वीडियो बनाया जा रहा था.



रांची : पूर्व सीएम चंपाई सोरेन की जासूसी के आरोप में स्पेशल ब्रांच के दो सब इंस्पेक्टर राज तिलक और गौरव को मंगलवार रात दिल्ली पुलिस ने पकड़ा. दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने की पुलिस ने घंटों पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया. मंगलवार रात करीब 11:00 बजे झारखंड पुलिस को दोनों सब इंस्पेक्टर के पकड़े जाने की सूचना मिली. झारखंड पुलिस ने तत्काल दिल्ली पुलिस के अधिकारियों संपर्क कर उन्हें बताया कि दोनों स्पेशल ब्रांच के सब इंस्पेक्टर हैं. वे दिल्ली स्पेशल ब्रांच मुख्यालय के आदेश पर गये थे. दोनों को मंत्री चंपाई सोरेन की सुरक्षा-व्यवस्था की निगरानी के लिए भेजा गया था.

चंपाई सोरेन के आप्त सचिव ने दर्ज करायी थी शिकायत

इस मामले को लेकर चंपाई सोरेन के आप्त सचिव गुरु प्रसाद महतो ने बुधवार को चाणक्यपुरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी. इसमें उन्होंने बताया था कि उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के मंत्री चंपाई सोरेन 27 व 28 अगस्त को दिल्ली दौरे पर थे. इस दौरान दो लोगों द्वारा गोपनीय तरीके से जासूसी कर फोटो एवं वीडियो बनाया जा रहा था, जो काफी संदिग्ध मामला है. किसी कैबिनेट मंत्री की जासूसी करना संदिग्ध प्रतीत होता है. इससे इनकी जान का भी खतरा हो सकता है. होटल आइटीसी मौर्या दिल्ली के सुरक्षा प्रहरियों ने दोनों को पकड़ कर चाणक्यपुरी थाने को सौंपा था. इसलिए मामले की जांच कर गृह विभाग को इस बात की जानकारी दी जाये.

सुरक्षा के लिए तैनात किये गये थे अफसर

पुलिस मुख्यालय मीडिया सेल ने इस मामले में बताया कि पारंपरिक तौर पर दिल्ली एवं अन्य राज्यों में स्पेशल ब्रांच की टीम झारखंड संबंधी महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक विषयों पर आसूचना संकलित करती आयी है. सुरक्षा प्रदान करने में भी स्पेशल ब्रांच की टीम योगदान करती है. दिल्ली में झारखंड पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर अपने कार्य निर्वहण के दौरान गलतफहमी में फंस गये थे, लेकिन कुछ माध्यम से यह समाचार प्रसारित किया जा रहा है कि किसी व्यक्ति विशेष की निगरानी की जा रही थी. वास्तव में दोनों सुरक्षा-व्यवस्था के लिए वहां प्रतिनियुक्त किये गये थे. इसकी जानकारी सभी सुरक्षा एजेंसी को दी गयी है. वस्तुस्थिति स्पष्ट होने के बाद दोनों पुलिस अफसरों को मुक्त कर दिया गया है. विशेष शाखा की टीम द्वारा किसी की जासूसी कराने की बात गलत है. चंपाई सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं. इन्हें उच्च सुरक्षा श्रेणी में रखा गया है. विशेष शाखा के दोनों पुलिस पदाधिकारी वहां अपने दायित्व का निर्वहण कर रहे थे.

Comments