वीआईपी पार्टी पदाधिकारियों की रायशुमारी, 20 सीट पर प्रत्याशी देने का निर्णय।

वीआईपी पार्टी पदाधिकारियों की रायशुमारी, 20 सीट पर प्रत्याशी देने का निर्णय।   

Ranchi:- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) झारखंड में 20 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी। रांची प्रेस क्लब में राज्य भर से आए पार्टी पदाधिकारियों की रायशुमारी के उपरांत वीआईपी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह घोषणा आज कर दी।                   

प्रोफेसर राजकुमार चौधरी ने कहा कि राज्य की जनता ने 25 सालों में गठबंधन की राजनीति को ही देखा है। एक और जहां वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर सत्ता में है वहीं पिछली सरकारों पर नजर दौड़ाएं तो क्षेत्रीय पार्टियों के साथ ताल-मेल कर भारतीय जनता पार्टी जैसी राष्ट्रीय पार्टी भी सत्ता पर तो काबिज होती रही है।                  

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय पार्टियों ने राज्य का कितना हित किया है यह सभी पार्टियों के लिए आत्म मंथन का समय है। झारखंड में 2024 का विधानसभा चुनाव सर पर है। केंद्र  कि भाजपा सरकार के कई मंत्री और नेता राज्य का लगातार दौरा कर रहे हैं प्रधानमंत्री तक का दौरा हो चुका है। जनता को अपने पक्ष में करने को लेकर घोषणाओं और वादों अंतहीन सिलसिला सा राज्य में नजर आ रहा है। राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर डाले तो यह दिख रहा है कि भाजपा कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों से लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा और अन्य छोटे-मोटे घटक दल इस बार जनता का मन नहीं टटोल पा रहे हैं।                  

 वीआईपी प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार चौधरी ने  लोग निवास करते हैं, जिनमें निषाद वंशीय समाज की जनसंख्या सात प्रतिशत अर्थात करीब 24 लाख के करीब है जो किसी भी प्रत्याशी को विधानसभा चुनाव में जीत का आंकड़ा पार करा सकती है। उन्होंने लगभग 25 ऐसे विधानसभा क्षेत्रों की सूची जारी की जहां निषाद वंशीय समाज के दम पर प्रत्याशी जीतते आ रहे हैं। अब निषाद वंशीय समाज सिर्फ वोट बैंक बनकर नेताओं को विधान सभा भेजने का मध्यम नहीं बनेगा बल्कि स्वयं विधानसभा में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराते हुए अपने हक और हुकुक की लड़ाई लड़ेगा । 

           प्रोफेसर राजकुमार चौधरी ने एक परिपक्व नेता की तरह इस बात से इनकार नहीं किया कि राज्य में गठबंधन की सरकार का होना भौगोलिक मजबूरी है, लेकिन संख्या बल पर निषाद वंशीय समाज भी किसी से कम नहीं है बावजूद इसके सत्ता के गलियारों में इस समाज की चर्चा ना तो भाजपा, कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों ने की और ना ही स्थानीय हितों का दंभ भरने वाली सत्ता पर काबिज झारखंड मुक्ति मोर्चा जनता के बीच जाकर अपने आप को जनहित और राज्यहित वाली सरकार साबित करने की स्थिति में है। उन्होंने की कहा कि जब हमारी शुद्ध कोई लेने वाला नहीं है तो हम किसी के भरोसे क्यों बैठे रहे इस विधानसभा चुनाव में निषाद बंसी समझ न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी बल्कि 20 से अधिक विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी देकर अपनी राजनीतिक दावेदारी किसी और के हाथ में नहीं जाने देगा।                                      

ब्रह्मदेव चौधरी, सरोज चौधरी,  मनदीप मल्लाह, भारदुल चौधरी, सुनील कुमार चौधरी, संजय मल्लाह, राम मल्लाह,‌ विश्वनाथ झोरा, चरण केवट, मेजर बद्री साहनी, गंगा केवट, विजेंद्र चौधरी, अरविंद केवट, रब्बीकुल शेख, राजेंद्र चौधरी, विवेक साहनी सहित राज्य के 24 जिला के जिला पदाधिकारी और प्रखंड पदाधिकारी शामिल हुए। .

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